शैतान की आँख | Shaitan Ki Aankh

शैतान की आँख | Shaitan Ki Aankh

शैतान की आँख | Shaitan Ki Aankh के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : शैतान की आँख है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Rahul Sankrityayan | Rahul Sankrityayan की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 08.0 MB है | पुस्तक में कुल 190 पृष्ठ हैं |नीचे शैतान की आँख का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | शैतान की आँख पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Shaitan Ki Aankh | This Book is written by Rahul Sankrityayan | To Read and Download More Books written by Rahul Sankrityayan in Hindi, Please Click : | The size of this book is 08.0 MB | This Book has 190 Pages | The Download link of the book "Shaitan Ki Aankh " is given above, you can downlaod Shaitan Ki Aankh from the above link for free | Shaitan Ki Aankh is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 08.0 MB
कुल पृष्ठ : 190

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

एक दिन बिक्रमने मुझे क्रोधित किया था। फिर क्या था दोनों की गुत्थम-गुत्था हुई । वद्यपि मैंने उसे खून पटकी मारी और जमीनपर रगड़ा। सबके देखने तथा विक्रमके ख्यालमें भी मैंने अच्छी प्रकार ठीक कर दिया था; किन्तु जब मुझे आप बीती याद आई । किस प्रकार मेरी नाक, हाथ, पैर, चमड़े छिल गये थे । अंग-अंग दर्द कर रहा था। तो मन ही मन मैंने फिर ऐसा करनेसे तोबा की यही वजह थी कि मैं अब विक्रमकी बातोंका अधिक ख्याल नहीं करता था।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.