शंकराचार्य जीवन चरित्र | Shankaracharya Jivan Charitra

शंकराचार्य जीवन चरित्र | Shankaracharya Jivan Charitra

शंकराचार्य जीवन चरित्र | Shankaracharya Jivan Charitra के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : शंकराचार्य जीवन चरित्र है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Unknown | Unknown की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 6.99 MB है | पुस्तक में कुल 251 पृष्ठ हैं |नीचे शंकराचार्य जीवन चरित्र का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | शंकराचार्य जीवन चरित्र पुस्तक की श्रेणियां हैं : Biography

Name of the Book is : Shankaracharya Jivan Charitra | This Book is written by Unknown | To Read and Download More Books written by Unknown in Hindi, Please Click : | The size of this book is 6.99 MB | This Book has 251 Pages | The Download link of the book "Shankaracharya Jivan Charitra" is given above, you can downlaod Shankaracharya Jivan Charitra from the above link for free | Shankaracharya Jivan Charitra is posted under following categories Biography |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 6.99 MB
कुल पृष्ठ : 251

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

भगवान् शङ्कराचार्यको जन्म विक्रमकी ८ वीं शताब्दीमें हुमा था। इससे पहले महात्मा बुद्धकै प्रादुर्भावसे पहले, आर्यजाति अनेक भागमें विभक्त होकर नानी धर्मों का पालन करने लगी थी। बाह्याडम्वरोंने वास्तविक धर्मके स्थानको प्रहण कर लिया था। लोग समझते थे कि विना योग और तपके ही मुक्ति हो सकती है शाक्तय-धर्म और वाममार्गको प्रचण्ड प्रचार हो गया था । जीव-जन्तुओं और पशुओंका बलिदान करने में ही धर्म समझा जाने लगा था वेदों और पुराणों की शिक्षाको भुला कर लोग मनुष्य तकका बलिदान करनेमे कुण्ठित नहीं होते थे |

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.