शिशुपालवध महाकाव्य का साहित्यिक अध्ययन | Shishupal Mahakavya Ka Sahityik Adhyayan

शिशुपालवध महाकाव्य का साहित्यिक अध्ययन | Shishupal Mahakavya Ka Sahityik Adhyayan

शिशुपालवध महाकाव्य का साहित्यिक अध्ययन | Shishupal Mahakavya Ka Sahityik Adhyayan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : शिशुपालवध महाकाव्य का साहित्यिक अध्ययन है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Ranjana Mishra | Ranjana Mishra की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 43.2 MB है | पुस्तक में कुल 396 पृष्ठ हैं |नीचे शिशुपालवध महाकाव्य का साहित्यिक अध्ययन का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | शिशुपालवध महाकाव्य का साहित्यिक अध्ययन पुस्तक की श्रेणियां हैं : literature, Poetry

Name of the Book is : Shishupal Mahakavya Ka Sahityik Adhyayan | This Book is written by Ranjana Mishra | To Read and Download More Books written by Ranjana Mishra in Hindi, Please Click : | The size of this book is 43.2 MB | This Book has 396 Pages | The Download link of the book "Shishupal Mahakavya Ka Sahityik Adhyayan" is given above, you can downlaod Shishupal Mahakavya Ka Sahityik Adhyayan from the above link for free | Shishupal Mahakavya Ka Sahityik Adhyayan is posted under following categories literature, Poetry |


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पुस्तक का साइज : 43.2 MB
कुल पृष्ठ : 396

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आज से करी 18 वर्ष पूर्व में में सप्तम कक्षा की छात्रा थी मेरे पिता श्री प्रभाकर दत्त तिवारी एक संगोठी में सम्मानित होने के उद्देश्य से महाभारत का अध्ययन कर रहे थे । पूज्य पिता जी के चरणों में बैठकर मुझे भी इस कथा का ज्ञान प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । इसी कथा में । चेदराज पालवध की कथा का प्रसंग भी आया था। मुझे यह जानने का अवसर प्राप्त हुआ ।क महाकवि माघ ने इस विषय पर एक महाकाव्य भी रचा हे । तभी से मेरे रश हृदय में इस महाकाव्य और इसके रचायना के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त करने की आझनामा हुयी 'कन्तु अन्ततोगत्वा यह बाल्यकालीन भावनायें ही थी जो लहरा की भात उठती थी और लुप्त हो जाती थी ।

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