श्री राधाकृष्ण के साक्षात दर्शन कराने वाला श्री राधा कृपाकटाक्ष स्तवराज | Shri Radhakrishn Ke Sakshaat Darshan Karane Wala Shri Radha Kripakataksh Stavaraj

श्री राधाकृष्ण के साक्षात दर्शन कराने वाला श्री राधा कृपाकटाक्ष स्तवराज | Shri Radhakrishn Ke Sakshaat Darshan Karane Wala Shri Radha Kripakataksh Stavaraj

श्री राधाकृष्ण के साक्षात दर्शन कराने वाला श्री राधा कृपाकटाक्ष स्तवराज | Shri Radhakrishn Ke Sakshaat Darshan Karane Wala Shri Radha Kripakataksh Stavaraj के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : श्री राधाकृष्ण के साक्षात दर्शन कराने वाला श्री राधा कृपाकटाक्ष स्तवराज है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Unknown | Unknown की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 922.0 KB है | पुस्तक में कुल 7 पृष्ठ हैं |नीचे श्री राधाकृष्ण के साक्षात दर्शन कराने वाला श्री राधा कृपाकटाक्ष स्तवराज का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | श्री राधाकृष्ण के साक्षात दर्शन कराने वाला श्री राधा कृपाकटाक्ष स्तवराज पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm

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गोलोक में श्रीराथा गोपीवेष में रासमण्डल में विराजती हैं। भक्तों पर कृपा करने के लिए ही इन्होंने अवतार धारण किया है। भगवान श्रीकृष्ण के भक्त को दास्य-भक्ति प्रदान करने वाली श्रीराधा ही हैं क्योंकि वे सभी सम्पत्तियों में दास्य-भक्ति को ही श्रेष्ठ मानती हैं। श्रीराधा के अनेकानेक गुणों में एक गुण 'करुणापूर्णा (करुणा से पूर्ण हृदयवाली) है। कृष्णप्रिया श्रीराधा की करुणा की सीमा नहीं है। वे अपने कृपाकटाक्ष से-नयनों की कोरों से निहार भी लेती हैं। तो मनुष्य के तीनों तापों का नाश हो जाता हैं। भगवान श्रीकृष्ण के साथ श्रीराधा की नित्य आराधना-उपासना करके मनुष्य सच्चे अर्थ में अपना जीवन सफल कर सकता है।

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