उत्तर रामचरित्र नाटक | Uttar Ramcharitra Natak

उत्तर रामचरित्र नाटक | Uttar Ramcharitra Natak

उत्तर रामचरित्र नाटक | Uttar Ramcharitra Natak के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : उत्तर रामचरित्र नाटक है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Pandit Satyanarayan Sharma | Pandit Satyanarayan Sharma की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 7.9 MB है | पुस्तक में कुल 184 पृष्ठ हैं |नीचे उत्तर रामचरित्र नाटक का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | उत्तर रामचरित्र नाटक पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm

Name of the Book is : Uttar Ramcharitra Natak | This Book is written by Pandit Satyanarayan Sharma | To Read and Download More Books written by Pandit Satyanarayan Sharma in Hindi, Please Click : | The size of this book is 7.9 MB | This Book has 184 Pages | The Download link of the book "Uttar Ramcharitra Natak " is given above, you can downlaod Uttar Ramcharitra Natak from the above link for free | Uttar Ramcharitra Natak is posted under following categories dharm |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 7.9 MB
कुल पृष्ठ : 184

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

कवि का प्रधान गुण सहृदयता है । हृदय की श्रृंगार धीर करुणादि जो भिन्न भिन्न धृत्तियां हैं | वे ससे अत्यंत सूक्ष्म एवं स्पष्ट रूप से अनुभूत होभी चाहिये उक्त भिन्न २ वृत्तियों का विषय इंद्रियगोचर होते ही कवि की मन लुब्ध हो जाता है और उस लुब्धता के आवेग में खसके मुख से जो बातें निकलती हैं वही यथार्थ कविता है। साथै यह है कि कवि का हृदय ऐसा होना चाहिये जिस में भिन्न मनीषाधियाँ पूर्ण रूप से प्रतिबिम्बित हो जाय।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.