चौसठ रूसी कवितायेँ | 64 Roosi Kavitayein

चौसठ रूसी कवितायेँ | 64 Roosi Kavitayein

चौसठ रूसी कवितायेँ | 64 Roosi Kavitayein के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : चौसठ रूसी कवितायेँ है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Bachchan | Bachchan की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 5.5 MB है | पुस्तक में कुल 152 पृष्ठ हैं |नीचे चौसठ रूसी कवितायेँ का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | चौसठ रूसी कवितायेँ पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : 64 Roosi Kavitayein | This Book is written by Bachchan | To Read and Download More Books written by Bachchan in Hindi, Please Click : | The size of this book is 5.5 MB | This Book has 152 Pages | The Download link of the book "64 Roosi Kavitayein" is given above, you can downlaod 64 Roosi Kavitayein from the above link for free | 64 Roosi Kavitayein is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 5.5 MB
कुल पृष्ठ : 152

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प्रगतिवादी आंदोलन के दिनों में रूस और उसके साहित्य का जिक्र बार-बार किया जाता था पर साहित्यकार के नाम पर केवल उपन्यासकार गोर्की का नान लिया जाता था किसी कवि का नाम नहीं सुनाई पड़ता था। बाद को मयाकोव्स्की पर एक किताव अंन्ने ज़ी में निकली। यह पाँचवें दशक के प्रारंभिक वर्षों की बात है। मैं इलाहाबाद युनिवर्सिटी में अंग्रेजी अध्यापक के रूप में नियुक्त हो गया था। हमारे सहयोगी प्रगतिशील श्री प्रकाशचंद्र गुप्त ने संभवतः उसी पुस्तक के आधार पर मयाकोव्स्की पर एक लेख्न भी पढ़ा था । पुस्तक में मयाकोव्स्की की कई कविताओं के अंग्रेज़ी अनुवाद भी थे।

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