आधुनिक शासन तंत्र | Aadhunik Shasan Tantra

आधुनिक शासन तंत्र | Aadhunik Shasan Tantra

आधुनिक शासन तंत्र | Aadhunik Shasan Tantra के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : आधुनिक शासन तंत्र है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Bhadradatt Sharma | Bhadradatt Sharma की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 27.4 MB है | पुस्तक में कुल 1123 पृष्ठ हैं |नीचे आधुनिक शासन तंत्र का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | आधुनिक शासन तंत्र पुस्तक की श्रेणियां हैं : politics, science

Name of the Book is : Aadhunik Shasan Tantra | This Book is written by Bhadradatt Sharma | To Read and Download More Books written by Bhadradatt Sharma in Hindi, Please Click : | The size of this book is 27.4 MB | This Book has 1123 Pages | The Download link of the book "Aadhunik Shasan Tantra" is given above, you can downlaod Aadhunik Shasan Tantra from the above link for free | Aadhunik Shasan Tantra is posted under following categories politics, science |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी : ,
पुस्तक का साइज : 27.4 MB
कुल पृष्ठ : 1123

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

'राज्य' नामक सामाजिक संगठन राजनीतिशास्त्र के अध्ययन का प्रधान विपय है । गानर के अनुसार "सक्षेप में राजनीतिशास्त्र राज्य से प्रारम्भ होता है और राज्य में ही उसकी परिसमाप्ति होती है। राजनीतिशास्त्र की परिमापा विमिन विद्वानों ने मिन भिन दृष्टिकोण से की है । सामायत चार दृष्टिकोण है। प्रथम दृष्टिकोण के ममथको ने परिमापा में राज्य को ही अधिक महत्व दिया है । गोनर के अतिरिक्त ब्लुटश्ली एव गेराइस आदि विद्वान इस श्रेणी में आते हैं । सोले की परिभाषा में शासन पर बल दिया गया है । तृतीय दृष्टिकोण या प्रतिनिधित्व गिलक्राइस्ट करता है। उसके अनुसार राजनीतिशास्त्र के अतगत राज्य तथा सरकार का अध्ययन किया जाता है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.