अस्पृश्यता अथवा भारत में बहिष्कृत बस्तियों के प्राणी | Asparishyata Athva Baharat Mein Bahishkrit Bastiyo Ke Prani

अस्पृश्यता अथवा भारत में बहिष्कृत बस्तियों के प्राणी | Asparishyata Athva Baharat Mein Bahishkrit Bastiyo Ke Prani

अस्पृश्यता अथवा भारत में बहिष्कृत बस्तियों के प्राणी | Asparishyata Athva Baharat Mein Bahishkrit Bastiyo Ke Prani के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : अस्पृश्यता अथवा भारत में बहिष्कृत बस्तियों के प्राणी है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. B. R. Ambedkar | Dr. B. R. Ambedkar की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 31.8 MB है | पुस्तक में कुल 201 पृष्ठ हैं |नीचे अस्पृश्यता अथवा भारत में बहिष्कृत बस्तियों के प्राणी का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | अस्पृश्यता अथवा भारत में बहिष्कृत बस्तियों के प्राणी पुस्तक की श्रेणियां हैं : history

Name of the Book is : Asparishyata Athva Baharat Mein Bahishkrit Bastiyo Ke Prani | This Book is written by Dr. B. R. Ambedkar | To Read and Download More Books written by Dr. B. R. Ambedkar in Hindi, Please Click : | The size of this book is 31.8 MB | This Book has 201 Pages | The Download link of the book "Asparishyata Athva Baharat Mein Bahishkrit Bastiyo Ke Prani" is given above, you can downlaod Asparishyata Athva Baharat Mein Bahishkrit Bastiyo Ke Prani from the above link for free | Asparishyata Athva Baharat Mein Bahishkrit Bastiyo Ke Prani is posted under following categories history |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 31.8 MB
कुल पृष्ठ : 201

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

जिस समाज में कुछ वर्गों के लोग जो कुछ चाहें वह सब कुछ कर सके और बाकी वह सब भी न कर सकें जो उन्हें करना चाहिए, उस समाज के अपने गुण होते होंगे, लेकिन इनमें स्वतंत्रता शामिल नहीं होगी। अगर इंसानों के अनुरूप जीने की सुविधा कुछ लोगों तक ही सीमित है, तब जिस सुविधा को आमतौर पर स्वतंत्रता कहा जाता है, उसे विशेषाधिकार कहना अधिक उचित होगा।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.