भारत में जातिप्रथा एवं जातिप्रथा-उन्मूलन | Bharat Mein Jatipratha Evam Jatipratha Unmulan

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भारत में जातिप्रथा एवं जातिप्रथा-उन्मूलन | Bharat Mein Jatipratha Evam Jatipratha Unmulan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भारत में जातिप्रथा एवं जातिप्रथा-उन्मूलन है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. B. R. Ambedkar | Dr. B. R. Ambedkar की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 41.6 MB है | पुस्तक में कुल 297 पृष्ठ हैं |नीचे भारत में जातिप्रथा एवं जातिप्रथा-उन्मूलन का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भारत में जातिप्रथा एवं जातिप्रथा-उन्मूलन पुस्तक की श्रेणियां हैं : history, Knowledge

Name of the Book is : Bharat Mein Jatipratha Evam Jatipratha Unmulan | This Book is written by Dr. B. R. Ambedkar | To Read and Download More Books written by Dr. B. R. Ambedkar in Hindi, Please Click : | The size of this book is 41.6 MB | This Book has 297 Pages | The Download link of the book "Bharat Mein Jatipratha Evam Jatipratha Unmulan" is given above, you can downlaod Bharat Mein Jatipratha Evam Jatipratha Unmulan from the above link for free | Bharat Mein Jatipratha Evam Jatipratha Unmulan is posted under following categories history, Knowledge |


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बुद्धिजीवी वर्ग वह है, जो दूरदर्शी होता है, सलाह दे सकता है और नेतृत्व दान कर सकता है। किसी भी देश की अधिकांश जनता विचारशील एवं क्रयाशील जीवन व्यतीत नहीं करती। ऐसे लोग प्रायः बुद्धिजीवी वर्ग को अनुकरण और अनुगमन करते हैं। यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि किसी देश का संपूर्ण भविष्य उसके बुद्धिजीवी वर्ग पर निर्भर होता है। यदि बुद्धिजीवी वर्ग ईमानदार, स्वतंत्र और निष्पक्ष है |

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