भाव प्रकाश भाषा | Bhav Prakash Bhasha

भाव प्रकाश भाषा | Bhav Prakash Bhasha

भाव प्रकाश भाषा | Bhav Prakash Bhasha के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भाव प्रकाश भाषा है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Unknown | Unknown की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 532.8 MB है | पुस्तक में कुल 743 पृष्ठ हैं |नीचे भाव प्रकाश भाषा का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भाव प्रकाश भाषा पुस्तक की श्रेणियां हैं : health

Name of the Book is : Bhav Prakash Bhasha | This Book is written by Unknown | To Read and Download More Books written by Unknown in Hindi, Please Click : | The size of this book is 532.8 MB | This Book has 743 Pages | The Download link of the book "Bhav Prakash Bhasha " is given above, you can downlaod Bhav Prakash Bhasha from the above link for free | Bhav Prakash Bhasha is posted under following categories health |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 532.8 MB
कुल पृष्ठ : 743

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इस प्रकार आचार्य भावमिश्र ने ग्रन्थ की निर्विघ्न समाप्ति के लिए वन्दना की है। जिस प्रकार पृथ्वी पर आयुर्वेद का आगमन हुआ मैं अनेक शास्त्रों पठन मनन कर सबसे प्रथम उसको ही लिखता हूँ।शरीर और जीव इन दोनों का संयोग जीवन है, और जीवन का निरन्तर समय आयु कहलाता है । इस आयु के लिए लाभदायक, हानिकारक द्रव्य, गुण, कर्मों को आयुर्वेद के द्वारा जानकर लाभदायक वस्तुओं के सेवन से एवं हानिकारक वस्तुओं के त्याग से मनुष्य आरोग्यतासहित पूर्ण आयु को भोगता है । इसी आयुर्वेद के द्वारा दूसरों की आयु को भी जानता है

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