भोजपुरी ग्राम गीत | Bhojpuri Gram Geet

भोजपुरी ग्राम गीत : कृष्ण देव उपाध्याय | Bhojpuri Gram Geet : Krishna Dev Upadhayay |

भोजपुरी ग्राम गीत : कृष्ण देव उपाध्याय | Bhojpuri Gram Geet : Krishna Dev Upadhayay | के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भोजपुरी ग्राम गीत है | इस पुस्तक के लेखक हैं : krishnadev upadhyay | krishnadev upadhyay की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 53 MB है | पुस्तक में कुल 494 पृष्ठ हैं |नीचे भोजपुरी ग्राम गीत का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भोजपुरी ग्राम गीत पुस्तक की श्रेणियां हैं : others, Poetry

Name of the Book is : Bhojpuri Gram Geet | This Book is written by krishnadev upadhyay | To Read and Download More Books written by krishnadev upadhyay in Hindi, Please Click : | The size of this book is 53 MB | This Book has 494 Pages | The Download link of the book "Bhojpuri Gram Geet" is given above, you can downlaod Bhojpuri Gram Geet from the above link for free | Bhojpuri Gram Geet is posted under following categories others, Poetry |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी : ,
पुस्तक का साइज : 53 MB
कुल पृष्ठ : 494

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

प्रकाशकीय वक्तव्य
हमारे ग्राम-साहित्य में, जो प्रायः लिपिबद्ध नहीं है, हमारे देश की संस्कृति | नी सुरक्षित है, इसका अनुमान शिक्षितवर्ग को अधिकाधिक होता जा रहा इस साहित्य में कवित्व और रस भी थोड़ा नहीं है। यह हर्ष का विषय है। छले कुछ वर्षों में हमारे कई उत्साही और प्रेमी साहित्यिकों ने प्रामके कई संग्रह प्रस्तुत किए हैं। इस वर्ष ही सम्मेलन से मैथिली तथा थानी लोकगीतों के संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। यह तीसरा भोजपुरी का संग्रह भी पाठकों के सामने है। योग्य संपादक ने सुरुचिपूर्ण ढंग से का संकलन किया है। श्री बलदेव उपाध्यायजी ने एक विद्वत्तापूर्ण भूमिका कर पुस्तक का महत्व बढ़ा दिया है। गीतों के संग्रह में संपादक की या माता को मूर्ति देवीजी ने सहायता दी है। श्रीमान् बौदा-नरेश स्वर्गीय सर सयाजी राव गायकवाड़ महोदय ने
सम्मेलन में उपस्थित होकर पाँच सहस्र रुपये की सहायता सम्मेलन को | की थी। उस सहायता से सम्मेलन ने ‘सुलभ साहित्यमाला' संचालित
ई सुन्दर पुस्तकों का प्रकाशन किया है। प्रस्तुत पुस्तक भी उसी पुस्तक'के अंतर्गत प्रकाशित हो रही है।
रामचंद्र टंडन साहित्य मंत्री

You might also like
2 Comments
  1. sumit says

    I am Not able to Download This Book Please Help or send this on smls869@gmail.com

    1. admin says

      thanks for informing us. link has been updated. now you can download this book

Leave A Reply

Your email address will not be published.