चरित्रहीन- (शरतचंद्र रचनावली) | Charitraheen (Sharatchandra Rachnavali)

चरित्रहीन (शरतचंद्र रचनावली) | Charitraheen (Sharatchandra Rachnavali)

चरित्रहीन (शरतचंद्र रचनावली) | Charitraheen (Sharatchandra Rachnavali) के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : चरित्रहीन- (शरतचंद्र रचनावली) है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Sharatchandra | Sharatchandra की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 19.1 MB है | पुस्तक में कुल 232 पृष्ठ हैं |नीचे चरित्रहीन- (शरतचंद्र रचनावली) का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | चरित्रहीन- (शरतचंद्र रचनावली) पुस्तक की श्रेणियां हैं : Knowledge, Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Charitraheen (Sharatchandra Rachnavali) | This Book is written by Sharatchandra | To Read and Download More Books written by Sharatchandra in Hindi, Please Click : | The size of this book is 19.1 MB | This Book has 232 Pages | The Download link of the book "Charitraheen (Sharatchandra Rachnavali)" is given above, you can downlaod Charitraheen (Sharatchandra Rachnavali) from the above link for free | Charitraheen (Sharatchandra Rachnavali) is posted under following categories Knowledge, Stories, Novels & Plays |


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पुस्तक का साइज : 19.1 MB
कुल पृष्ठ : 232

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शरत् का बाल्यकाल और किशोरावस्था का समय सुखी नहीं था। जिसके कारण उनकी दृष्टि और चितन जीवन को यर्थातः से अनुभव करने में सक्षम हुआ। उनकी रचनाओं के पात्र पिछले 100 वर्षों के सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक परिवर्तनों के होते हुए आज भी जीवित से लगते हैं। इस नाते शरत् वस्तुतः प्रथम कोटि के कथाकार थे।शरत् गांव की मिट्टी से जुड़े कथाकार थे, यही कारण है कि उनके अधिश उपन्यासों और कहानियों में गांव-समाज की घटनाएँ चित्रित हैं।

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