दीव्य अस्त्र सिद्धि | Divya Astra Siddhi

दीव्य अस्त्र सिद्धि | Divya Astra Siddhi

दीव्य अस्त्र सिद्धि | Divya Astra Siddhi के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : दीव्य अस्त्र सिद्धि है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Shri Raj Verma | Shri Raj Verma की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 591.5 KB है | पुस्तक में कुल 10 पृष्ठ हैं |नीचे दीव्य अस्त्र सिद्धि का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | दीव्य अस्त्र सिद्धि पुस्तक की श्रेणियां हैं : Knowledge, Social, Tantra-Mantra

Name of the Book is : Divya Astra Siddhi | This Book is written by Shri Raj Verma | To Read and Download More Books written by Shri Raj Verma in Hindi, Please Click : | The size of this book is 591.5 KB | This Book has 10 Pages | The Download link of the book "Divya Astra Siddhi " is given above, you can downlaod Divya Astra Siddhi from the above link for free | Divya Astra Siddhi is posted under following categories Knowledge, Social, Tantra-Mantra |


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पुस्तक का साइज : 591.5 KB
कुल पृष्ठ : 10

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दिव्यास्त्रों में देवताओं की विराट शक्तियां स्थापित होती हैं। असुरों एवं दुष्टजनों का वध, भक्तजनों की सुरक्षा एवं प्रलय के समय सृष्टि का विनाश इन्हीं दिव्यास्त्रों के द्वारा होता है। शिवपुराण में महादेव कहते हैं- सृष्टि, पालन, संहार, तिरोभाव और अनुग्रह- ये मेरे जगत् सम्बन्धी पांच कार्य हैं, जो नित्यसिद्ध हैं। दिव्यास्त्र एवं आयुधों में देवताओं की असीमित ऊर्जा प्रतिष्ठित होती है इसलिये देवपूजन में उनके साथ उनके मुख्य अस्त्रों का भी पूजनार्चन किया जाता है। दिव्यास्त्रों का स्वभाव आक्रामक एवं संहारकारी होता है। अतः उग्र अस्त्रों को सिद्ध करने से पूर्व देवता को प्रसन्न कर उनकी अनुमति लेना अनिवार्य हो जाता है।

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