जातकमला | Jatakmala

जातकमला | Jatakmala

जातकमला | Jatakmala के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : जातकमला है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Unknown | Unknown की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 14.3 MB है | पुस्तक में कुल 315 पृष्ठ हैं |नीचे जातकमला का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | जातकमला पुस्तक की श्रेणियां हैं : Knowledge, Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Jatakmala | This Book is written by Unknown | To Read and Download More Books written by Unknown in Hindi, Please Click : | The size of this book is 14.3 MB | This Book has 315 Pages | The Download link of the book "Jatakmala " is given above, you can downlaod Jatakmala from the above link for free | Jatakmala is posted under following categories Knowledge, Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी : ,
पुस्तक का साइज : 14.3 MB
कुल पृष्ठ : 315

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तिब्बतके बौद्ध धर्म के प्रसिद्ध इतिहासकार तारनाथका कथन है कि आर्यशुरने एक बाघिन और उसके बच्चेको भूखसे मरते देखकर अपना शरीर उनके आगे उत्सर्ग करना चाहा। पहले उन्हें कुछ भय हुआ, किन्तु बुद्धके स्मरणसे निर्भय होकर उन्होंने अपने रक्तसे ७० श्लोकोंकी एक स्तुति लिखी। फिर अपने शरीरको रक्त पीने के लिए बाघिन और उसके बच्चे को दिया । रक्त पीकर जब उनके भीतर कुछ शक्ति का संचार हुआ तब आचार्य ने अपना शरीर उनके आगे समर्पित कर दिया।

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