जीवन व्यवस्था | Jeevan Vyavastha

जीवन व्यवस्था | Jeevan Vyavastha

जीवन व्यवस्था | Jeevan Vyavastha के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : जीवन व्यवस्था है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Acharya Kaka Kalelkar | Acharya Kaka Kalelkar की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 15 MB है | पुस्तक में कुल 346 पृष्ठ हैं |नीचे जीवन व्यवस्था का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | जीवन व्यवस्था पुस्तक की श्रेणियां हैं : society

Name of the Book is : Jeevan Vyavastha | This Book is written by Acharya Kaka Kalelkar | To Read and Download More Books written by Acharya Kaka Kalelkar in Hindi, Please Click : | The size of this book is 15 MB | This Book has 346 Pages | The Download link of the book "Jeevan Vyavastha " is given above, you can downlaod Jeevan Vyavastha from the above link for free | Jeevan Vyavastha is posted under following categories society |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 15 MB
कुल पृष्ठ : 346

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आज हम वैज्ञानिक दृष्टिसे समाज-व्यवस्थाका और मानवीय संस्कृतियोका स्वतत्र चिन्तन भले ही करे, मनुष्य-जातिने आज तक धार्मिक प्रेरणासे ही सामाजिक जीवनका विकास किया है। और मनुष्य-जातिकी सब संस्कृतिया अभी अभी तक धर्म-प्रधान ही रही हैं। अथवा हम असा भी कह सकते है कि मानवी सस्कृतिको जिन जिन सार्वभौम विचारोने और जीवन-दृष्टियोने प्रेरणा दी है, अन विचारों और दृष्टियोको धर्मके नामसे ही पह्चानना चाहिये हमारे मन पश्चिमके विज्ञानके अपासकोने जो जीवन-दृष्टि समस्त जगतको दी है, वह अंक नया धर्म ही है, और अर्थ-व्यवस्थाको तथा राजनैतिक सत्ताको प्रधानता देकर दुनिया में जो साम्यवाद प्रचलित हुआ है, असे भी अंक आधुनिक अथवा अद्यतन जडवादी धर्म ही कहना चाहिये ।

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