जीवाणुओं की दुनिया और हम | Jivanuon Ki Duniya Aur Ham

जीवाणुओं की दुनिया और हम : दयाशंकर मिश्र | Jivanuon Ki Duniya Aur Ham : Dayashankar Mishr

जीवाणुओं की दुनिया और हम : दयाशंकर मिश्र | Jivanuon Ki Duniya Aur Ham : Dayashankar Mishr के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : जीवाणुओं की दुनिया और हम है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dayashankar Mishr | Dayashankar Mishr की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 9.3 MB है | पुस्तक में कुल 229 पृष्ठ हैं |नीचे जीवाणुओं की दुनिया और हम का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | जीवाणुओं की दुनिया और हम पुस्तक की श्रेणियां हैं : Knowledge, Uncategorized

Name of the Book is : Jivanuon Ki Duniya Aur Ham | This Book is written by Dayashankar Mishr | To Read and Download More Books written by Dayashankar Mishr in Hindi, Please Click : | The size of this book is 9.3 MB | This Book has 229 Pages | The Download link of the book "Jivanuon Ki Duniya Aur Ham" is given above, you can downlaod Jivanuon Ki Duniya Aur Ham from the above link for free | Jivanuon Ki Duniya Aur Ham is posted under following categories Knowledge, Uncategorized |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 9.3 MB
कुल पृष्ठ : 229

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विद्यालय शिक्षा के सभी स्तरों के लिए अच्छे शिक्षाक्रम, पाठ्यक्रमों और पाठ्यपुस्तकों के निर्माण की दिशा में हमारी परिषद् पिछले पच्चीस वर्षों से भी अधिक समय से कार्य
कर रही है। हमारे कार्य का प्रभाव भारत के सभी राज्यों और संघशासित प्रदेशों में प्रत्यक्ष | और अप्रत्यक्ष रूप से पड़ा है और इस पर परिषद् के कार्यकर्ता संतोष का अनुभव कर
सकते हैं। | हमने देखा है कि अच्छे पाठ्यक्रम और अच्छी पाठ्यपुस्तकों के बावजूद हमारे
विद्यार्थियों की रुचि स्वतः पढ़ने की ओर अधिक नहीं बढ़ती । इसका एक मुख्य कारण | अवश्य ही हमारी दूषित परीक्षा प्रणाली है जिसमें पाठ्यपुस्तकों में दिए गए ज्ञान की ही
परीक्षा ली जाती है । इस कारण बहुत ही कम विद्यालयों में कोर्स के बाहर की पुस्तकों को | पढ़ने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है । अतिरिक्त पठन में बच्चों की रुचि न होने का
एक बड़ा कारण यह भी है कि विभिन्न आयुवर्ग के बच्चों के लिए कम मूल्य की अच्छी | पुस्तकें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध भी नहीं हैं । यद्यपि पिछले कुछ वर्षों में इस कमी को पूरा | करने के लिए कुछ काम प्रारंभ हुआ है पर वह बहुत ही नाकाफी है।
इस दृष्टि से परिषद् ने बच्चों की पुस्तकों के लेखन की दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की है। इसके अंतर्गत पढ़े और सीखें शीर्षक से एक पुस्तकमाला तैयार करने का विचार है जिसमें विभिन्न आयुवर्ग के बच्चों के लिए सरल भाषा और रोचक शैली में अनेक विषयों पर बड़ी संख्या में पुस्तकें तैयार की जाएंगी । हम आशा करते हैं कि बहुत शीघ्र ही हिंदी में हम निम्नलिखित विषयों पर 50 से भी अधिक पुस्तकें प्रकाशित कर सकेंगे।

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