महाराजा सूरजमल जीवन और इतिहास | Maharaja Soorajmal Jeevan Aur Itihas

महाराजा सूरजमल जीवन और इतिहास | Maharaja Soorajmal Jeevan Aur Itihas

महाराजा सूरजमल जीवन और इतिहास | Maharaja Soorajmal Jeevan Aur Itihas के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : महाराजा सूरजमल जीवन और इतिहास है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Ku. Natavar Singh | Ku. Natavar Singh की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 5.9 MB है | पुस्तक में कुल 164 पृष्ठ हैं |नीचे महाराजा सूरजमल जीवन और इतिहास का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | महाराजा सूरजमल जीवन और इतिहास पुस्तक की श्रेणियां हैं : Biography, history, Knowledge

Name of the Book is : Maharaja Soorajmal Jeevan Aur Itihas | This Book is written by Ku. Natavar Singh | To Read and Download More Books written by Ku. Natavar Singh in Hindi, Please Click : | The size of this book is 5.9 MB | This Book has 164 Pages | The Download link of the book "Maharaja Soorajmal Jeevan Aur Itihas " is given above, you can downlaod Maharaja Soorajmal Jeevan Aur Itihas from the above link for free | Maharaja Soorajmal Jeevan Aur Itihas is posted under following categories Biography, history, Knowledge |


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पुस्तक का साइज : 5.9 MB
कुल पृष्ठ : 164

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मैं भरतपुर का हैं, अतः यह अनिवार्य ही था कि बचपन से ही महाराजा सूरजमल का नाम मेरे कानों में पड़ता है। मेरे जीवन के पहले छह वर्ष ऐतिहासिक नगर डीग में उन उद्यान-प्रासादों में व्यतीत हुए जिनकी कल्पना ठाकुर बेदनसिंह ने की थी और जिनका निर्माण उनके पुत्र महाराजा सूरजमल के हाथों पूरा हुआ। उसके बाद हम भरतपुर चले आये, जहाँ का विख्यात और अपने समय का अजेय दुर्ग सारे शहर की शान था। इसे देखकर अतीत के गौरव और निर्मल कीति का स्मरण हो आता था ।

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