महावीर निर्वाण और दिवाली | Mahaveer Nirvana Aur Diwali

महावीर निर्वाण और दिवाली : पुप्फ़ भिक्खु हिंदी पुस्तक | Mahaveer Nirvana Aur Diwali : Pushp Bhikshu Hindi Book

महावीर निर्वाण और दिवाली : पुप्फ़ भिक्खु हिंदी पुस्तक | Mahaveer Nirvana Aur Diwali : Pushp Bhikshu Hindi Book के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : महावीर निर्वाण और दिवाली है | इस पुस्तक के लेखक हैं : | की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 250 KB है | पुस्तक में कुल 22 पृष्ठ हैं |नीचे महावीर निर्वाण और दिवाली का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | महावीर निर्वाण और दिवाली पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm

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पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 250 KB
कुल पृष्ठ : 22

अपने जैनमुनिओसे प्रार्थना
=-= -=अपने अपने गुरुओं और बड़े वृदय नामसे पुजती आनेवाली प्रचलित ३२ सम्प्रदायोंसे जन समाज
आजतक भारीसे भारी नुकसान उठाना पड़ा है। शायद 5 पहले इससे कुछ लाभ पहुंचा हो ? मगर इस अनावश्यक
बाडानंदी, सम्प्रदायवादकी इस नव युगमें आवश्यकता नहीं हैं, इन सब मम्प्रदायको मिटाकर मात्र एक
ज्ञातृपुन महावीर भवान्झ नामपर अपनी सम्प्रदाय - नाम रखकर ४६३ साधुओंको सशा अनेकान्त- *
वादी बन जाना चाहिये जिससे जैन समाजको निरपरी १६ हुई शक्तिका पुष्ट समेह हो सर । अपने पुराने घड़े । बूढक नामका मोह हमें अय नाम मात्रको भी न होना
चाहिये । हमें भगगन महावीरकी वास्तविक देन है - है और वह सम्प्रदायको मिटाकर ग्क्ता और संगठन है तथा प्राणी मानमें प्रेम करनेसे ही पूरी की जा सश्ती है।
प्राथतृपुत्र महावीर जैन सघीय-- पुप्फ भिक्खु


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