मिलिन्द-प्रश्न | Milind Prashn

मिलिन्द-प्रश्न | Milind Prashn

मिलिन्द-प्रश्न | Milind Prashn के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : मिलिन्द-प्रश्न है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Bhikshu Jagdish Kashyap | Bhikshu Jagdish Kashyap की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 13.78 MB है | पुस्तक में कुल 605 पृष्ठ हैं |नीचे मिलिन्द-प्रश्न का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | मिलिन्द-प्रश्न पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm, Knowledge

Name of the Book is : Milind Prashn | This Book is written by Bhikshu Jagdish Kashyap | To Read and Download More Books written by Bhikshu Jagdish Kashyap in Hindi, Please Click : | The size of this book is 13.78 MB | This Book has 605 Pages | The Download link of the book "Milind Prashn" is given above, you can downlaod Milind Prashn from the above link for free | Milind Prashn is posted under following categories dharm, Knowledge |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 13.78 MB
कुल पृष्ठ : 605

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मिाण्डर वडा विद्या-व्यसनी था। वेद, पुराण, दर्शन इत्यादि सभी विद्याओं का उसने अच्छा अभ्यास किया था। दार्शनिक विवाद करने में वह बड़ा निपुण था। यहाँ तक कि उस समय के बड़े-बड़े दिग्गज उससे शास्त्रार्थ करने में भय मानते थे। तर्क करने में बह अजेय समझा जाता था। एक बार राजा अर्हत-पदप्राप्त परम-यशस्वी. नागसेन के पास शास्त्रार्थ करने गया। स्थविर ने राजा के त' को काट, उसे बुद्ध-धर्म की शिक्षा दी इस ग्रन्थ में उन्हीं राज मिनाण्डर (मिलिन्द) और नागसेन के शास्त्रार्थ का वर्णन है, अन्तिम भाग में आता है

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