मिश्का का दलिया | Mishka’s Porridge

मिश्का का दलिया : निकोलाई नोसोव हिंदी पुस्तक | Mishka’s Porridge : Nikolai Nosov Hindi Book

मिश्का का दलिया : निकोलाई नोसोव हिंदी पुस्तक | Mishka’s Porridge : Nikolai Nosov Hindi Book के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : मिश्का का दलिया है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Arvind Gupta | Arvind Gupta की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 0.26 MB है | पुस्तक में कुल 14 पृष्ठ हैं |नीचे मिश्का का दलिया का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | मिश्का का दलिया पुस्तक की श्रेणियां हैं : children, Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Mishka’s Porridge | This Book is written by Arvind Gupta | To Read and Download More Books written by Arvind Gupta in Hindi, Please Click : | The size of this book is 0.26 MB | This Book has 14 Pages | The Download link of the book "Mishka’s Porridge" is given above, you can downlaod Mishka’s Porridge from the above link for free | Mishka’s Porridge is posted under following categories children, Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी : ,
पुस्तक का साइज : 0.26 MB
कुल पृष्ठ : 14

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कयों उसे कया हो रहा है? वह तो पतीली से ही बाहर भागा जा रहा है मिशका ने लपककर एक कड़छी ली और दलिये को पतीली में वापस ठेलना शुरू किया। वह इसी में लगा रहा पर वह फूलता ही चला गया और बाहर निकलता ही रहा। पता नहीं इसे कया हो गया--शायद यह पक गया है? मैंने एक चममच में लेकर जरा सा दलिया चखा लेकिन वह अभी भी सखत और सूखा था। सारा पानी कहां गया? पता नहीं मिशका ने कहा। मैंने तो काफी डाला था। कहीं पतीली में छेद तो नहीं है? हमने पतीली उठाकर उसे अचछी तरह से देखा पर उसमें छेद का कहीं नाम भी न था। पानी उड़ गया होगा उसने कहा। हमें और पानी डालना होगा। उसने पतीली से निकालकर कुछ दलिया एक पलेट में उंडेल दिया। पानी के लिए जगह करने के लिए उसे अचछा-खासा दलिया निकालना पड़ा। इसके बाद हमने पतीली को फिर चूलहे पर चढ़ा दिया। वह पकता रहा और जरा ही देर बाद फिर पतीली से निकलने लगा। नि तड९0 प डतांठ ता ड 11८ काया ग 10८ 900- 00८? 9 शी ड ाए000 ली? 5 ट८शाणिंश0 000 0०00 0 10८ 901 औड0९0 पा 09960 ८ 59007 फप ०0600 9900 10८ 90११ं00८ 00८1६ 1१10 100६ 901. 14 90510 वा फपड0८0 00 व 1९21 5८1॥00 8 भई वाह मिशका ने हैरानी से कहा यह पतीली में कयों नहीं टिकता? उसने अपनी कड़छी उठाई और जलदी-जलदी कुछ दलिया और निकालकर उसमें पयाला भर पानी और डाल दिया। टरडोी उसने कहा और तुम यह कह रहे थे कि पानी ज़यादा तो नहीं है दलिया पकता ही रहा और मानें या न मानें ज़रा ही देर बाद उसने फिर ढककन उठा दिया और पतीली से निकलने लगा 0 घ00 डां॥श0 0४८ 0८ डां0८. 1 0001 100५ ॥00ा 005 000८0 10 पी. रिदागाएफड पी 81600)? व 1001६ 0 59000 पाए वंपड1८० ८ ॥1८ 90 10६ शा0। ॥0ड डा1॥। पा ए तय ता दा 5 पा जी पाटा 0०८? 1 त00 1 0४ इांव हतांड९0. ठ 9 दा फाधिा। 101 व. रिटा - 0095 12 5 0 001८ कि व 901? ८ 1001620 ता। 0४६ 0८ 901 90 पट ॥050 1 पाए डाप 01 0 001.

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