न्याय-वैशेषिक दर्शन में ईश्वर की अवधारणा | Nyay-Vaisheshik Darshan Mein Ishvar Ki Avdharna

न्याय-वैशेषिक दर्शन में ईश्वर की अवधारणा | Nyay-Vaisheshik Darshan Mein Ishvar Ki Avdharna

न्याय-वैशेषिक दर्शन में ईश्वर की अवधारणा | Nyay-Vaisheshik Darshan Mein Ishvar Ki Avdharna के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : न्याय-वैशेषिक दर्शन में ईश्वर की अवधारणा है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Ramesh chandra | Ramesh chandra की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 237.2 MB है | पुस्तक में कुल 586 पृष्ठ हैं |नीचे न्याय-वैशेषिक दर्शन में ईश्वर की अवधारणा का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | न्याय-वैशेषिक दर्शन में ईश्वर की अवधारणा पुस्तक की श्रेणियां हैं : Spirituality -Adhyatm

Name of the Book is : Nyay-Vaisheshik Darshan Mein Ishvar Ki Avdharna | This Book is written by Ramesh chandra | To Read and Download More Books written by Ramesh chandra in Hindi, Please Click : | The size of this book is 237.2 MB | This Book has 586 Pages | The Download link of the book "Nyay-Vaisheshik Darshan Mein Ishvar Ki Avdharna" is given above, you can downlaod Nyay-Vaisheshik Darshan Mein Ishvar Ki Avdharna from the above link for free | Nyay-Vaisheshik Darshan Mein Ishvar Ki Avdharna is posted under following categories Spirituality -Adhyatm |


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पुस्तक का साइज : 237.2 MB
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जैसा कि परास्नातक परीक्षा उक्षणपरान्त समस्त शत्रों में शोधयणी इच्छा को जागृत होना स्वाभाविक है, आएव में भी इसका अपवाद
न रहा । तत्कालीन विभागीय पृवाचक पूज्यपाद पं श्री राजकुमार शुक्ल जी ने कुपवदत्वेन भने निर्देशन में शोधार्थ अनुमति देकर के अपात्र क्या ।। उन्होंने गुरु के दायित्व का सर्वश्रा लीति से नई करते हुए मुझे ईश्वर जैसी अन्य सत्ता पर शोध करने की सत्रणा प्रदान की, जो कि मेरे आध्याPटम प्रकृति के अनुकूल भी थी । : उनका ऐसा सत्प्रयास भैरै त उनकी कृपालुता का द्योतक है । कतः मैंने उनके बदतर है।

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