सर्वोदय के सेवकों से | Sarvodaya Ke Sevako Se

सर्वोदय के सेवकों से | Sarvodaya Ke Sevako Se

सर्वोदय के सेवकों से | Sarvodaya Ke Sevako Se के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : सर्वोदय के सेवकों से है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Acharya Vinoba Bhave | Acharya Vinoba Bhave की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 2 MB है | पुस्तक में कुल 62 पृष्ठ हैं |नीचे सर्वोदय के सेवकों से का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | सर्वोदय के सेवकों से पुस्तक की श्रेणियां हैं : society

Name of the Book is : Sarvodaya Ke Sevako Se | This Book is written by Acharya Vinoba Bhave | To Read and Download More Books written by Acharya Vinoba Bhave in Hindi, Please Click : | The size of this book is 2 MB | This Book has 62 Pages | The Download link of the book "Sarvodaya Ke Sevako Se " is given above, you can downlaod Sarvodaya Ke Sevako Se from the above link for free | Sarvodaya Ke Sevako Se is posted under following categories society |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 2 MB
कुल पृष्ठ : 62

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

बहुत-से रचनात्मक कार्यकर्ता छोटे-मोटे कामो में लगे हुए हैं और अपनी शनिन भर काम करते रहे है । भूदान-यज्ञ का एक नया काम आया और उनके कामों में एक काम को वृद्धि हो गई इतना ही कार्यकर्ता अक्सर समझे थे । लेकिन अब यह बात स्पष्ट हो गई कि हमारे चालू कामो मे में जितने काम हम समेट सकते हैं उतने समेट कर भूदान-यज्ञ में कूदना पडेगा। अनेक कामों में सिर्फ एक काम की वृद्धि नहीं हुई है बल्कि अनेक कामो को उदर में सम्भालने वाला काम उपस्थित हुआ है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.