श्रीत्रिपुरामहिम्नास्त्रोत्रम | Sri Tripura Mahimna Stotram

श्रीत्रिपुरामहिम्नास्त्रोत्रम | Sri Tripura Mahimna Stotram

श्रीत्रिपुरामहिम्नास्त्रोत्रम | Sri Tripura Mahimna Stotram के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : श्रीत्रिपुरामहिम्नास्त्रोत्रम है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Pandit Yogendra Krishna Dorgadatti Shastri | Pandit Yogendra Krishna Dorgadatti Shastri की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 44.0 MB है | पुस्तक में कुल 230 पृष्ठ हैं |नीचे श्रीत्रिपुरामहिम्नास्त्रोत्रम का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | श्रीत्रिपुरामहिम्नास्त्रोत्रम पुस्तक की श्रेणियां हैं : literature

Name of the Book is : Sri Tripura Mahimna Stotram | This Book is written by Pandit Yogendra Krishna Dorgadatti Shastri | To Read and Download More Books written by Pandit Yogendra Krishna Dorgadatti Shastri in Hindi, Please Click : | The size of this book is 44.0 MB | This Book has 230 Pages | The Download link of the book "Sri Tripura Mahimna Stotram" is given above, you can downlaod Sri Tripura Mahimna Stotram from the above link for free | Sri Tripura Mahimna Stotram is posted under following categories literature |


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पुस्तक का साइज : 44.0 MB
कुल पृष्ठ : 230

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वक्तव्य स्तोत्र साहित्य में महिम्न स्तोत्रों का एक प्रमुख स्थान है । शिव महिम्न स्तोत्र में कहा गया है। महिम्नो ना परास्तुतिः अर्थात् महिम्न से बढ़कर कोई स्तुति नहीं है । यद्यपि यह वाक्य शिव महिम्न स्त्रोत में आया है तथापि शक्ति महिम्न स्तोत्र में भी यह पूर्ण रूप से चरितार्थ होता है । शक्ति महिम्न स्तोत्र महषि दुर्वासा-कृत है अनेक देशीय भाषाओं में इसकी टीकायें उपलब्ध होती हैं। संस्कृत में साधक प्रवर श्री नित्यानन्द नाथ कृत एक संक्षिप्त व सार गभित व्याख्या है। गुजराती भाषा में भी एक टीका देखने को मिली है।

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