तंत्रसार | Tantra Saar

तंत्रसार | Tantra Saar

तंत्रसार | Tantra Saar के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : तंत्रसार है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. Paramhans Mishra | Dr. Paramhans Mishra की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 45.0 MB है | पुस्तक में कुल 301 पृष्ठ हैं |नीचे तंत्रसार का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | तंत्रसार पुस्तक की श्रेणियां हैं : jyotish

Name of the Book is : Tantra Saar | This Book is written by Dr. Paramhans Mishra | To Read and Download More Books written by Dr. Paramhans Mishra in Hindi, Please Click : | The size of this book is 45.0 MB | This Book has 301 Pages | The Download link of the book "Tantra Saar" is given above, you can downlaod Tantra Saar from the above link for free | Tantra Saar is posted under following categories jyotish |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 45.0 MB
कुल पृष्ठ : 301

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'तन्यते विस्तार्यते तत तन्त्रम जिससे विस्तार का सम्पादन हो, वह तन्त्र है। विस्तार का संपादन वाही कर सकता है, जिसमें विस्तार करने की निरपेक्ष क्षमता हो । एक से अधिक होना ही विस्तार है, मुलभूत एक के बाद जिसकी चर्चा हो सकती है, वह विस्तार भीतर आ जाता है। अत: विस्तार के किये जिसे अपेक्षणीय कहा जाता है

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