थकावट | Thakavat

थकावट : गुरबचन सिंह भुल्लर | Thakavat : Gurbachan Singh Bhullar

थकावट : गुरबचन सिंह भुल्लर | Thakavat : Gurbachan Singh Bhullar के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : थकावट है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Gurbachan singh bhullar | Gurbachan singh bhullar की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 700 KB है | पुस्तक में कुल 11 पृष्ठ हैं |नीचे थकावट का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | थकावट पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Thakavat | This Book is written by Gurbachan singh bhullar | To Read and Download More Books written by Gurbachan singh bhullar in Hindi, Please Click : | The size of this book is 700 KB | This Book has 11 Pages | The Download link of the book "Thakavat" is given above, you can downlaod Thakavat from the above link for free | Thakavat is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 700 KB
कुल पृष्ठ : 11

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

मबचन सिंह भलर
गुरबचन सिंह भुल्लर (जन्म 1937) का बचपन पंजाब के भटिंडा जिले में बीता । पंजाबी साहित्य में इनकी रुचि अपने पिता के कारण बढ़ी जो हर रोज अपने बच्चों को कुछ न कुछ ज़रूर पढ़कर सुनाते थे। बीस वर्ष की कम आयु में ही भुल्लर जी ने कवितायें, लघु कहानियाँ और बच्चों को कहानियाँ लिखनी शुरू कर दी थीं । अपनी लेखनी द्वारा वे सामाजिक समस्याओं और कुरीतियों से लड़ते हैं -- खासकर जीवन देने वाली और लालन-पालन करने वाली नारी के प्रति समाज के रुखे व्यवहार से ! अपनी सीधी-सादी माँ की छवि सदा उन्हें लिखने के लिए प्रोत्साहित करती है। थकावट में आसो एक ऐसी ही सीधी-सादी मगर निडर और आत्मविश्वासी नारी है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.