भक्ति की चेतावनी | Bhakti Ki Chetavani

भक्ति की चेतावनी | Bhakti Ki Chetavani

भक्ति की चेतावनी | Bhakti Ki Chetavani के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भक्ति की चेतावनी है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Anand Ghan | Anand Ghan की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 40 MB है | पुस्तक में कुल 672 पृष्ठ हैं |नीचे भक्ति की चेतावनी का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भक्ति की चेतावनी पुस्तक की श्रेणियां हैं : Spirituality -Adhyatm

Name of the Book is : Bhakti Ki Chetavani | This Book is written by Anand Ghan | To Read and Download More Books written by Anand Ghan in Hindi, Please Click : | The size of this book is 40 MB | This Book has 672 Pages | The Download link of the book "Bhakti Ki Chetavani " is given above, you can downlaod Bhakti Ki Chetavani from the above link for free | Bhakti Ki Chetavani is posted under following categories Spirituality -Adhyatm |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 40 MB
कुल पृष्ठ : 672

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

मनुष्य का जीवन उस अभूरे वाक्य की तरह है जिसका अर्थ पूरः म्पष्ट रहता है किन्तु उममें कार्य का कर्ता छिपा रहता है। जैसे-वह परदेश चला गया पर देश जाने वाला कौन है यह इम वाक्य से नहीं मालूम होता देख इम शरीर द्वारा भी अनेक कियाएँ हो रही हैं किन्तु टनक कर्ता कौन है वह नहीं दिखता। कर्ता के बिना भी यह जीवन पूरा मा दिग्वलायी देता है और इमी भृम के कारण व्यक्ति कर्ता की खोज नहीं करता तथा स्वयं में ही खोया रहता है। किन्तु जब तक वह कर्ता को नहीं पा लेना तव तक जीवन की पूर्णता को भी नहीं पा सकता अतः वेचैन बना रहता है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.