भारत के संत महात्मा | Bharat Ke Sant Mahatma

भारत के संत महात्मा : रामलाल | Bharat Ke Sant Mahatma : Ramlal

भारत के संत महात्मा : रामलाल | Bharat Ke Sant Mahatma : Ramlal के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : भारत के संत महात्मा है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Ramlal | Ramlal की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 28.3 MB है | पुस्तक में कुल 1005 पृष्ठ हैं |नीचे भारत के संत महात्मा का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | भारत के संत महात्मा पुस्तक की श्रेणियां हैं : Biography, history, india, Knowledge

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पुस्तक का साइज : 28.3 MB
कुल पृष्ठ : 1005

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सन्त सहवाई महात्मा चरणदास के सन्तमत, मान-भक्ति-वैराग्यमूलक सिद्धान्त की व्याख्याकार थी। उन्होंने आजीवन अपने गुरु के पदचिह्नो पर चल कर प्रेममय परम तत्वे-परमात्मा की उपासना की। सहजो थाई नै गुरूभक्ति को अपनी रचनाओं में बहुत सुन्दर आदर्श उपस्पिरा किया है। अपने सहम प्रकाश ग्रन्थ में उन्होंने गुरुतत्व की जो व्याख्या की है। गुरु के प्रति जो निष्ठा प्रकट की है वह मौलिक और नितान्त मर्मस्पर्शी है। सन्त साहित्य में गीरों की ही तरह नारीरान्तों में उन्हें अमित महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हैं। उनका जीवन पूर्ण वैराग्यमय था, वे ब्रह्मज्ञानी थी, ज्ञानयोगिनी थी।
वे विक्रम की अठरावी शती में वर्तमान थी। ऐसा कहा जाता है कि उनका | जन्म सम्बत् १७४० वि के लगभग हुआ था। चरणदास की ही तरह उनका
मी जन्म कुसर कुल में हुआ था। उनके पिता का नाम हरिदास था। वे भगवद्भक्त और सीधे-सादे स्वभाव वाले गृहस्थ थे। पिता के सद्गुणों तथा विनम्यता से ही राजौबाई का जीवन अध्यात्म की ओर बढ़ने लगा। बचपन से ही

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