धर्मशास्त्र साहित्य में अपराध एवं दंड विधान | Dharma Shastra Sahitya Mein Aparadh Evam Dand Vidhan

धर्मशास्त्र साहित्य में अपराध एवं दंड विधान | Dharma Shastra Sahitya Mein Aparadh Evam Dand Vidhan

धर्मशास्त्र साहित्य में अपराध एवं दंड विधान | Dharma Shastra Sahitya Mein Aparadh Evam Dand Vidhan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : धर्मशास्त्र साहित्य में अपराध एवं दंड विधान है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Dr. Vibha | Dr. Vibha की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 50.0 MB है | पुस्तक में कुल 186 पृष्ठ हैं |नीचे धर्मशास्त्र साहित्य में अपराध एवं दंड विधान का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | धर्मशास्त्र साहित्य में अपराध एवं दंड विधान पुस्तक की श्रेणियां हैं : dharm, Knowledge

Name of the Book is : Dharma Shastra Sahitya Mein Aparadh Evam Dand Vidhan | This Book is written by Dr. Vibha | To Read and Download More Books written by Dr. Vibha in Hindi, Please Click : | The size of this book is 50.0 MB | This Book has 186 Pages | The Download link of the book " Dharma Shastra Sahitya Mein Aparadh Evam Dand Vidhan" is given above, you can downlaod Dharma Shastra Sahitya Mein Aparadh Evam Dand Vidhan from the above link for free | Dharma Shastra Sahitya Mein Aparadh Evam Dand Vidhan is posted under following categories dharm, Knowledge |


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पुस्तक का साइज : 50.0 MB
कुल पृष्ठ : 186

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विविध सामाजिक अपराध तयुगीन धार्मिक एवं सामाजिक मान्यताओं के साथ राजनियमों (विधि या कानून) द्वारा निर्धारित दण्डों से नियंत्रित होते थे इसका भी सुन्दर प्रतिपादन धर्मशास्त्रियों ने अपनी मौलिक चिन्तना के द्वारा अपने धर्मशास्त्रीय ग्रन्थों में किया है। संस्कृत धर्मशास्त्र में जितना स्मृति साहित्य विशेषतः मनु और याज्ञवल्क्य स्मृति सामाजिक अपराधों एवं तत्सम्बन्धित दण्डों के प्रति सजग और सचेष्ट दृष्टिगत होता है, उतना साहित्य का कोई भी अंग सामाजिक सुधार की दिशा में सचेष्ट नहीं है।

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