जत्थेदार बंदा सिंह बहादुर | Jatthedar Banda Singh Bahadur

जत्थेदार बंदा सिंह बहादुर | Jatthedar Banda Singh Bahadur

जत्थेदार बंदा सिंह बहादुर | Jatthedar Banda Singh Bahadur के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : जत्थेदार बंदा सिंह बहादुर है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Jasbeer Singh | Jasbeer Singh की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 300 KB है | पुस्तक में कुल 33 पृष्ठ हैं |नीचे जत्थेदार बंदा सिंह बहादुर का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | जत्थेदार बंदा सिंह बहादुर पुस्तक की श्रेणियां हैं : history, Knowledge

Name of the Book is : Jatthedar Banda Singh Bahadur | This Book is written by Jasbeer Singh | To Read and Download More Books written by Jasbeer Singh in Hindi, Please Click : | The size of this book is 300 KB | This Book has 33 Pages | The Download link of the book " Jatthedar Banda Singh Bahadur " is given above, you can downlaod Jatthedar Banda Singh Bahadur from the above link for free | Jatthedar Banda Singh Bahadur is posted under following categories history, Knowledge |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी : ,
पुस्तक का साइज : 300 KB
कुल पृष्ठ : 33

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी दक्षिण भारत में गुरमति का प्रचार प्रसार करने के लिए विचरण कर आगे बढ़ रहे थे कि महाराष्ट्र के स्थानीय लोगों ने गुरूदेव को बताया कि गोदावरी नदी के तट पर एक वैरागी साधु रहता है जिसने योग साधना के बल से बहुत सी ऋद्धि-सिद्धि प्राप्त की हुई हैं। जिनका प्रयोग करके वह अन्य महापुरूषों का मजाक उड़ाता है। इस प्रकार वह बहुत अभिमानी प्रवृत्ति का स्वामी बन गया है। यह ज्ञात होने पर गुरूदेव के हृदय में इस चंचल प्रवृत्ति के साधु की परीक्षा लेने की जिज्ञासा उत्पन्न हुई। अत: वह नादेड़ नगर के उस रमणीक स्थल पर पहुँचे, जहाँ इस वैरागी साधु का आश्रम था।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.