ज्योत्स्ना | Jyotisha

ज्योत्स्ना | Jyotisha

ज्योत्स्ना | Jyotisha के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : ज्योत्स्ना है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Acharya Shiv Pujan Sahay | Acharya Shiv Pujan Sahay की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 2.39MB है | पुस्तक में कुल 112 पृष्ठ हैं |नीचे ज्योत्स्ना का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | ज्योत्स्ना पुस्तक की श्रेणियां हैं : Knowledge

Name of the Book is : Jyotisha | This Book is written by Acharya Shiv Pujan Sahay | To Read and Download More Books written by Acharya Shiv Pujan Sahay in Hindi, Please Click : | The size of this book is 2.39MB | This Book has 112 Pages | The Download link of the book "Jyotisha" is given above, you can downlaod Jyotisha from the above link for free | Jyotisha is posted under following categories Knowledge |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 2.39MB
कुल पृष्ठ : 112

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

स्कूल तथा कालेज में हिन्दी नाटक समय-समय पर खेले जाते हैं। उनमें अधिकांश ऐसे होते हैं जिनमें प्रेम की संयोग वियोग-अवस्थात्रों को भहा चित्रण रहता है। कहीं-कहीं प्रेमवर्णन अश्लीलता की पराकाष्ठा पर पहुंचा रहता है । कोमलमति, अप्रौढ़वयस्क तथा अपरिपक्वबुद्धि विद्यार्थियों के हृदय पर ऐसे नाटकों का अभिनय अपनी अमिट और अनिष्टकर प्रभाव रख छोड़ता है । पुनः हिन्दी में ऐसे नाटकों की संख्या प्रायः अति अल्प है जिनमें ग्रामीणों के हर्ष-शोक, उत्थान-पतन, प्रेम-घृणा, शौर्य-कातरता, संगठन और सहयोग की जीतीजागती तस्वीर खींची गई हो।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.