काँटों और फूलो के देवता | Kanto Aur Phulon Ke Devta

काँटों और फूलो के देवता | Kanto Aur Phulon Ke Devta

काँटों और फूलो के देवता | Kanto Aur Phulon Ke Devta के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : काँटों और फूलो के देवता है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Shri Vyathit Haridya | Shri Vyathit Haridya की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 1.8 MB है | पुस्तक में कुल 140 पृष्ठ हैं |नीचे काँटों और फूलो के देवता का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | काँटों और फूलो के देवता पुस्तक की श्रेणियां हैं : history

Name of the Book is : Kanto Aur Phulon Ke Devta | This Book is written by Shri Vyathit Haridya | To Read and Download More Books written by Shri Vyathit Haridya in Hindi, Please Click : | The size of this book is 1.8 MB | This Book has 140 Pages | The Download link of the book "Kanto Aur Phulon Ke Devta" is given above, you can downlaod Kanto Aur Phulon Ke Devta from the above link for free | Kanto Aur Phulon Ke Devta is posted under following categories history |


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पुस्तक का साइज : 1.8 MB
कुल पृष्ठ : 140

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पन्द्रह अगस्त के पावन पर्व को लाने के लिए बापू ने बड़ेबड़े तप किए बड़ी-बड़ी कठिनाइयों झेलीं। अपने जीवन के प्रथम चरण से ही बापू तप और त्याग के मार्ग पर चलने लगे । वे कितनी ही बार जेल गये कितनी ही बार उन पर लाठियाँ पड़ीं, और कितनी ही बार वे अपमानित भी किये गए पर बापू कभी न झुके न मुकरे वे बराबर बड़े साहस के साथ भारत की दासता की बेड़ियों को काटने में लगे रहे । उनके साहस की प्रशंसा संसार के बड़े-बड़े महान् पुरुषों ने खुले कंठ से की है।

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