किसान और गरीब भगवान | Kisan Or Garib Bhagwan

किसान और गरीब भगवान | Kisan Or Garib Bhagwan

किसान और गरीब भगवान | Kisan Or Garib Bhagwan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : किसान और गरीब भगवान है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Unknown | Unknown की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 1.47 MB है | पुस्तक में कुल 15 पृष्ठ हैं |नीचे किसान और गरीब भगवान का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | किसान और गरीब भगवान पुस्तक की श्रेणियां हैं : children

Name of the Book is : Kisan Or Garib Bhagwan | This Book is written by Unknown | To Read and Download More Books written by Unknown in Hindi, Please Click : | The size of this book is 1.47 MB | This Book has 15 Pages | The Download link of the book "Kisan Or Garib Bhagwan " is given above, you can downlaod Kisan Or Garib Bhagwan from the above link for free | Kisan Or Garib Bhagwan is posted under following categories children |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 1.47 MB
कुल पृष्ठ : 15

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

उसे लगता था कि उसकी गरीबी बढ़ने के साथ-साथ उसके बच्चों की संख्या भी बढ़ रही थी, यह भी सत्य नहीं था l उसके सिर्फ चार बच्चे थे , लेकिन किसान और उसकी पत्नी इतने दुःखी रहते थे कि उनके बच्चे दिनभर लड़ते-झगड़ते, चीखते-चिल्लाते रहते थे. इस कारण ऐसा लगता था कि वहां बहुत सारे बच्चे थेl एक रात किसान ने पॅत्नी से शिकायत करते हुए कहा, "हम इतने गरीब हैं कि हमारा भगवान भी गरीब ही होगा l" इस विषय में किसान सत्य ही कह रहा थाl उनकी छोटीसी झोंपड़ी की परछत्ती में गरीब भगवान रहते थे और जैसे की गरीब भगवान होते हैं, वह भगवान बहुत दयालु थे, उन्हें वह किसान अच्छा लगता था l

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.