मुद्रा भाग-1 | Mudra Bhag-1

मुद्रा भाग-1 | Mudra Bhag-1

मुद्रा भाग-1 | Mudra Bhag-1 के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : मुद्रा भाग-1 है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Unknown | Unknown की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 13.27 MB है | पुस्तक में कुल 502 पृष्ठ हैं |नीचे मुद्रा भाग-1 का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | मुद्रा भाग-1 पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Mudra Bhag-1 | This Book is written by Unknown | To Read and Download More Books written by Unknown in Hindi, Please Click : | The size of this book is 13.27 MB | This Book has 502 Pages | The Download link of the book "Mudra Bhag-1" is given above, you can downlaod Mudra Bhag-1 from the above link for free | Mudra Bhag-1 is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


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पुस्तक का साइज : 13.27 MB
कुल पृष्ठ : 502

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विनिमय-माग्यम के रूप में पत्र मुद्रा प्रचलन होई नई बात नहीं है। बहुत प्राचीन काल से इसका चलन होता रहा है। चीन में तो पप-मुद्रा नवीं शतान्दी में भी चलती थी। इसके पश्चात् जापान और पारस में भी इनका प्रयोग होने लगा-गा। धीरे-धीरे एशिया के अधिकारों देशों में इनका प्रचार बढ़ गया। यूरोप के देश मी इससे वनित न रह सधै और वह भी पत्र-मुद्रा चलन में भा गई थी। पर उस चुमय पत्र-मुद्रा का स्वरूप प्राज जैसा नहीं था । भिन्न भिन्न स्थानों में भिन्न-भिन्न प्रकार की पन्न-मुद्रा चलन में थी। प्रथम महायुद्ध काल में तो इसका प्रचार बहुत ही बढ़ गया था ।

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