राजनीतिक विचारों का इतिहास | Rajnitik Vicharon Ka Itihas

राजनीतिक विचारों का इतिहास | Rajnitik Vicharon Ka Itihas

राजनीतिक विचारों का इतिहास | Rajnitik Vicharon Ka Itihas के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : राजनीतिक विचारों का इतिहास है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Jyoti Prasad Sood | Jyoti Prasad Sood की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 52.33 MB है | पुस्तक में कुल 338 पृष्ठ हैं |नीचे राजनीतिक विचारों का इतिहास का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | राजनीतिक विचारों का इतिहास पुस्तक की श्रेणियां हैं : history

Name of the Book is : Rajnitik Vicharon Ka Itihas | This Book is written by Jyoti Prasad Sood | To Read and Download More Books written by Jyoti Prasad Sood in Hindi, Please Click : | The size of this book is 52.33 MB | This Book has 338 Pages | The Download link of the book "Rajnitik Vicharon Ka Itihas" is given above, you can downlaod Rajnitik Vicharon Ka Itihas from the above link for free | Rajnitik Vicharon Ka Itihas is posted under following categories history |


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पुस्तक का साइज : 52.33 MB
कुल पृष्ठ : 338

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लोकतन्त्र के सिद्धान्त के गुणों के मध्य एक लम्बा विवाद उठ खड़ा हुआ जिसमें अटलांटिक महासागर के दोनों ओर के देशों के विचारकों ने भाग लिया। यहाँ उस विवाद की चर्चा करना प्रासंगिक होगा; यहाँ पर हमारा उद्देश्य तो केवल यह दिखलाना है कि क्रांति के परिणाम केवल फ्रांस तक ही सीमित नहीं रहे। उन्हें सम्पूर्ण युरोप तथा उत्तरी अमेरिका में महसूस किया गया। उसने ऐसी शक्तियों को जन्म दिया जिनका १६वीं शताब्दी के राजनीतिक विचारों तथा घटनाओं पर गहरा प्रभाव पड़ा। इससे नैपोलियन बोनापार्ट का प्रादुर्भाव हुआ जिसने फ्रांस में लोकतन्त्र को कुचल दिया और यूरोप के एक बड़े भाग को अपने निरंकुश शासन के पंजों में जकड़ लिया।

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