समुद्री पक्षी | Samudri Pakshi

समुद्री पक्षी : रिचर्ड बाख हिंदी कहानी पुस्तक मुफ्त डाउनलोड | Samudri Pakshi : Richard Bakh Hindi Book Free Download

समुद्री पक्षी : रिचर्ड बाख हिंदी कहानी पुस्तक मुफ्त डाउनलोड | Samudri Pakshi : Richard Bakh Hindi Book Free Download के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : समुद्री पक्षी है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Richard Bach | Richard Bach की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 1.46 MB है | पुस्तक में कुल 41 पृष्ठ हैं |नीचे समुद्री पक्षी का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | समुद्री पक्षी पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays, Uncategorized

Name of the Book is : Samudri Pakshi | This Book is written by Richard Bach | To Read and Download More Books written by Richard Bach in Hindi, Please Click : | The size of this book is 1.46 MB | This Book has 41 Pages | The Download link of the book "Samudri Pakshi" is given above, you can downlaod Samudri Pakshi from the above link for free | Samudri Pakshi is posted under following categories Stories, Novels & Plays, Uncategorized |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 1.46 MB
कुल पृष्ठ : 41

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उड़ने से क्या फायदा? समय की इस फिजूलखर्ची से कया लाभ? तुम दूसरी चीलों की तरह क्यों नहीं रहते जॉन? उसकी मां पूछतीं उड़ने का काम तुम दूसरों पर छोड़ दो । तुम कुछ खाओ-पियो जॉन? देखो तुम्हारी एकदम हड्डियां निकल आएयीं हैं? उसके पिता कहते देखो जॉन अब सर्दी आने वाली है और तब सतह पर तैरने वाली मछलियां गहराई में चली जायेंगी । अगर तुम वाकई में कुछ सीखना चाहते हो तो मछलियां पकड़ना सीखो । माना उड़ना एक अच्छा शौक है पर क्या तुम उड़ान को खा सकते हो? यह न भूलो कि हम खाने के लिए ही उड़ते हैं । जौनाथन ने अपना सिर हिलाया । कुछ दिनों तक उसने अन्य समुद्री चीलों की तरह रोटी और मछली के टुकड़ों की खातिर मछुआरों की नावों के चक्कर लगाये । परंतु उससे यह नहीं बना मुझसे यह जलालत का काम नहीं होगा । मैं उड़ंगा मुझे अभी बहुत कुछ और सीखना है और कुछ देर बाद जीनाधन अकेले ही समुद्र में बहुत दूर उड़ने लगा। वो भूखा था परंतु खुश था। वा

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