शेखचिल्ली की कहानियां | Shekhchilli Ki Kahaniyan

शेखचिल्ली की कहानियां : अनूप लाल | Shekhchilli Ki Kahaniyan : Anoop Lal

शेखचिल्ली की कहानियां : अनूप लाल | Shekhchilli Ki Kahaniyan : Anoop Lal के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : शेखचिल्ली की कहानियां है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Anoop Lal | Anoop Lal की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 2.22 MB है | पुस्तक में कुल 87 पृष्ठ हैं |नीचे शेखचिल्ली की कहानियां का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | शेखचिल्ली की कहानियां पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Shekhchilli Ki Kahaniyan | This Book is written by Anoop Lal | To Read and Download More Books written by Anoop Lal in Hindi, Please Click : | The size of this book is 2.22 MB | This Book has 87 Pages | The Download link of the book "Shekhchilli Ki Kahaniyan" is given above, you can downlaod Shekhchilli Ki Kahaniyan from the above link for free | Shekhchilli Ki Kahaniyan is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


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पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 2.22 MB
कुल पृष्ठ : 87
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ख चिल्ली इस समय वही कर रहा था जिसमें उसे सबसे ज़्यादा मजा आता था - पतंगबाजी। वो इस समय अपने घर की छत पर खड़ा था और आसमान में लाल और हरी पतंगों के उड़ने का मजा ले रहा था। शेख की कल्पना भी उड़ान भरने लगी। वो सोचने लगा - काश मैं इतना छोटा होता कि पतंग पर बैठ कर हवा में उड़ पाता. "बेटा, तुम कहां हो?" उसकी अम्मी ने धूप की चौंध से आंखों को बचाते हुए छत की ओर देखते हुए कहा। "बस अभी आया अम्मी," शेख ने कहा। काफी दुखी होते हुए उसने अपनी उड़ती पतंग को जमीन पर उतारा और फिर दौड़ता हुआ नीचे गया। शेख अपनी मां की इकलौती औलाद था। पति की मौत के बाद शेख ही उनका एकमात्र रिश्तेदार था। इसलिए अम्मी शेख को बहुत प्यार करती थीं। "बेटा, झट से इसमें आठ आने का सरसों का तेल ले आओ," उन्होंने कहा और अठन्नी के साथ-साथ शेख को एक गिलास भी थमा दिया। "तेल जूरा सावधानी से लाना और जल्दी से वापिस आना। रास्ते में सपने नहीं देखने लग जाना, क्या तुम मेरी बात को सुन रहे हो?" "हां, अम्मी," शेख ने कहा। "आप बिल्कुल फिक्र न करें। जब आप फिक्र करती हैं तब आप कम सुंदर लगती हैं।" "कम सुंदर," उसकी मां ने हताश होते हुए कहा। "मेरे पास सुंदर लगने के लिए पैसे और वक्त ही कहां हैं? अच्छा, अब चापलूसी बंद करो। फटाफट बाजार से तेल लेकर आओ।"

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2 Comments
  1. sachin verma says

    Nice hindi book website

  2. Arjun kumar koshale says

    Hello dorto mera name arjun mera ek bada bhai hai jiska name yogesh kahani ko aage badate hai mere gaov me ek emli ka

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