शेर ओ सुखन भाग 5 | Sher O Sukhan Bhag 5

शेर ओ सुखन भाग 5 | Sher O Sukhan Bhag 5

शेर ओ सुखन भाग 5 | Sher O Sukhan Bhag 5 के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : शेर ओ सुखन भाग 5 है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Ayodhya Prasad Goyaliya | Ayodhya Prasad Goyaliya की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 7.07 MB है | पुस्तक में कुल 214 पृष्ठ हैं |नीचे शेर ओ सुखन भाग 5 का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | शेर ओ सुखन भाग 5 पुस्तक की श्रेणियां हैं : literature

Name of the Book is : Sher O Sukhan Bhag 5 | This Book is written by Ayodhya Prasad Goyaliya | To Read and Download More Books written by Ayodhya Prasad Goyaliya in Hindi, Please Click : | The size of this book is 7.07 MB | This Book has 214 Pages | The Download link of the book " Sher O Sukhan Bhag 5 " is given above, you can downlaod Sher O Sukhan Bhag 5 from the above link for free | Sher O Sukhan Bhag 5 is posted under following categories literature |


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पुस्तक का साइज : 7.07 MB
कुल पृष्ठ : 214

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शाइराना कलामसे साधारण-सी वातमे भी चार चाँद लग जाते हैं और गैर शाइराना अन्दाजसे कही गई बडी-से-वडी वात भी दो कौड़ीकी हो जाती है। सिद्धहस्त कलाकार नग्न मूर्तिमे भी वह प्रभाव उत्पन्न कर देता है कि दर्शक देखते ही आत्म-विभोर हो जाये । बडे-से-बडा मूर्ति-भजक भी मस्तक झुकानेको वाध्य हो जाये और अनाडी पूज्यनीय व्यक्तियोके भी ऐसे चित्र बना देता है, जिन्हे कौडीके तीन-तीन भी नहीं पूछा जाता। शेअरकी अच्छाई-बुराई परखते समय यह भी ध्यान रखना होगा कि शाइरने अमुक शेअर किस वातावरणमे, किस परिस्थितिमे कहा। क्योकि द्रव्य, क्षेत्र, काल, वातावरण आदि गाइरीके निर्माणसे वहुत अधिक प्रभाव डालते है । सन् १९२३ की मेरे सामने की घटना है । ६-७ मित्र पिकनिकके लिए दिल्लीसे कुतुबमीनार गये हुए थे । खाने-पीनेके बाद लतीफों और शेरो-शाइरीका भी दौर चला

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