कश्मीर यात्रा | Kashmir Yatra

कश्मीर यात्रा | Kashmir Yatra

कश्मीर यात्रा | Kashmir Yatra के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : कश्मीर यात्रा है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Vishvnath Mukharji | Vishvnath Mukharji की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 6 MB है | पुस्तक में कुल 138 पृष्ठ हैं |नीचे कश्मीर यात्रा का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | कश्मीर यात्रा पुस्तक की श्रेणियां हैं : Stories, Novels & Plays

Name of the Book is : Kashmir Yatra | This Book is written by Vishvnath Mukharji | To Read and Download More Books written by Vishvnath Mukharji in Hindi, Please Click : | The size of this book is 6 MB | This Book has 138 Pages | The Download link of the book "Kashmir Yatra" is given above, you can downlaod Kashmir Yatra from the above link for free | Kashmir Yatra is posted under following categories Stories, Novels & Plays |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 6 MB
कुल पृष्ठ : 138

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मेरे कुछ मित्रों ने जब काश्मीर यात्रा की योजना बनायी और मुझे भी साथ देने के लिए आमंत्रित किया तो मैं शरीर-सम्पत्ति से निर्धन होते हुए भी कविता, केशर और कामिनी के देश के सौन्दर्य-दर्शन का लोभ संवरण नहीं कर सका यद्यपि महाकवि कल्हण का वह काश्मीर अब नहीं है और न आज वहाँ भिक्षु दिवाकर मित्र का वह आश्रम है, जहाँ हर्षचरित के रचयिता महाकवि वाणभट्ट के शब्दों में बौद्धधर्म में प्रवीण तोते भी वसुबन्धु के अभिधर्मकोश का पाठ करते थे शुकैरपि शाक्यशासनकुशले कोशं समुपदिशद्भिः तथापि प्रकृति के साथ कृति का योग पाकर काश्मीर अब उन दिनों से अधिक सुन्दर बन गया है।

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