प्राचीन भारत का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक इतिहास | Prachin Bharat Ka Sahityik Evam Sanskritik Itihas

प्राचीन भारत का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक इतिहास | Prachin Bharat Ka Sahityik Evam Sanskritik Itihas

प्राचीन भारत का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक इतिहास | Prachin Bharat Ka Sahityik Evam Sanskritik Itihas के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : प्राचीन भारत का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक इतिहास है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Nirnjan Singh | Nirnjan Singh की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 14.18 MB है | पुस्तक में कुल 337 पृष्ठ हैं |नीचे प्राचीन भारत का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक इतिहास का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | प्राचीन भारत का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक इतिहास पुस्तक की श्रेणियां हैं : history

Name of the Book is : Prachin Bharat Ka Sahityik Evam Sanskritik Itihas | This Book is written by Nirnjan Singh | To Read and Download More Books written by Nirnjan Singh in Hindi, Please Click : | The size of this book is 14.18 MB | This Book has 337 Pages | The Download link of the book "Prachin Bharat Ka Sahityik Evam Sanskritik Itihas " is given above, you can downlaod Prachin Bharat Ka Sahityik Evam Sanskritik Itihas from the above link for free | Prachin Bharat Ka Sahityik Evam Sanskritik Itihas is posted under following categories history |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 14.18 MB
कुल पृष्ठ : 337

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

देववाणी संस्कृत में प्राचीन भारत का समग्र साहित्य सृजित हुआ है । साहित्यिक इतिहास की परिधि 3000 ई. पू. से आज तक व्यापक है। परन्तु प्राचीन भारत का साहित्य 3000 ई. पू. से 1783 ई. तक ही सीमित रहा है । हमारा प्राचीन साहित्य वैदिक एवं लौकिक संस्कृत में अनेकमुखी रहा है । वैदिक साहित्य ऋग्वेद से प्रारम्भ होता है । ऋग्वेद के पश्चात् यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद नामक संहिता की रचना हुई। संहिता-काल के उपरान्त ब्राह्मण ग्रन्थों का युग प्रारम्भ हुमा ऋग्वेद के ऐतरेय एवं कौपीतकी, यजुर्वेद के तैतिरीय तथा शतपथ, सामवेद का छान्दोग्य तथा अथर्ववेद का गोपथ प्रमुख ब्राह्मण ग्रन्थ मान्य हैं ।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.