वैज्ञानिको की बाते | Vaigyaniko Ki Bate

वैज्ञानिको की बाते | Vaigyaniko Ki Bate

वैज्ञानिको की बाते | Vaigyaniko Ki Bate के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : वैज्ञानिको की बाते है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Sukhdev Prasad | Sukhdev Prasad की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 31.7 MB है | पुस्तक में कुल 73 पृष्ठ हैं |नीचे वैज्ञानिको की बाते का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | वैज्ञानिको की बाते पुस्तक की श्रेणियां हैं : science

Name of the Book is : Vaigyaniko Ki Bate | This Book is written by Sukhdev Prasad | To Read and Download More Books written by Sukhdev Prasad in Hindi, Please Click : | The size of this book is 31.7 MB | This Book has 73 Pages | The Download link of the book " Vaigyaniko Ki Bate" is given above, you can downlaod Vaigyaniko Ki Bate from the above link for free | Vaigyaniko Ki Bate is posted under following categories science |


पुस्तक के लेखक :
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पुस्तक का साइज : 31.7 MB
कुल पृष्ठ : 73

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सामान्य जन-मानस में वैज्ञानिकों के प्रति एक आम धारणा यह है कि उनका जीवन एकदम नीरस एकांतिक और अलग-थलग किस्म का होता है। पर पुस्तक के ये प्रसंग इस तस्वीर का दूसरा पहलू पेश करते हैं। वास्तव में वैज्ञानिकों का जीवन भी सामाजिकता और हास-परिहास से एकदम परिपूर्ण होता है और अवसाद-विषाद भरा भी, हमारी-आपकी ही तरह उनके भी सामाजिक सरोकार और उत्तरदायित्व होते हैं। उन्हीं के साथ वे भी जीते और मरते हैं।

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