धर्मतंत्र द्वारा लोकशिक्षण | Dharmtantra Dwara Lokshikshan

धर्मतंत्र द्वारा लोकशिक्षण | Dharmtantra Dwara Lokshikshan

धर्मतंत्र द्वारा लोकशिक्षण | Dharmtantra Dwara Lokshikshan के बारे में अधिक जानकारी :

इस पुस्तक का नाम : धर्मतंत्र द्वारा लोकशिक्षण है | इस पुस्तक के लेखक हैं : Unknown | Unknown की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें : | इस पुस्तक का कुल साइज 738.5 KB है | पुस्तक में कुल 33 पृष्ठ हैं |नीचे धर्मतंत्र द्वारा लोकशिक्षण का डाउनलोड लिंक दिया गया है जहाँ से आप इस पुस्तक को मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं | धर्मतंत्र द्वारा लोकशिक्षण पुस्तक की श्रेणियां हैं : Spirituality -Adhyatm

Name of the Book is : Dharmtantra Dwara Lokshikshan | This Book is written by Unknown | To Read and Download More Books written by Unknown in Hindi, Please Click : | The size of this book is 738.5 KB | This Book has 33 Pages | The Download link of the book "Dharmtantra Dwara Lokshikshan" is given above, you can downlaod Dharmtantra Dwara Lokshikshan from the above link for free | Dharmtantra Dwara Lokshikshan is posted under following categories Spirituality -Adhyatm |


पुस्तक के लेखक :
पुस्तक की श्रेणी :
पुस्तक का साइज : 738.5 KB
कुल पृष्ठ : 33

Search On Amazon यदि इस पेज में कोई त्रुटी हो तो कृपया नीचे कमेन्ट में सूचित करें |
पुस्तक का एक अंश नीचे दिया गया है : यह अंश मशीनी टाइपिंग है, इसमें त्रुटियाँ संभव हैं, इसे पुस्तक का हिस्सा न माना जाये |

मित्रो! वाणी के द्वारा मंत्र बोले जाते हैं। इसको आपको अनुशासित करना चाहिए। वाणी क्या है ? वाणी सरस्वती है। बाकी देवी-देवता कहाँ रहते हैं, यह मैं फिर कभी बताऊँगा, आज तो मैं आपको यह बताता हूँ कि सरस्वती का वचन कभी मिथ्या नहीं हो सकता है। सरस्वती वह है, जिसके शब्द सार्थक होकर के रहते हैं। यह देवी कहलाती है, वाणी कहलाती है, वाक कहलाती है। सरस्वती ज्ञान की देवी है। कल्याण की देवी है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.